सरकारी वाहनों और अधिकारियों के वाहनों से हटाई गई नाम-पद पट्टिका, अब प्रेस और अन्य की बारी; दूसरे थानों में कब होगी शुरुआत?
शहडोल। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल के निर्देश पर शनिवार से जिले में वाहनों पर नियम विरुद्ध लगी नाम, पद एवं विभाग संबंधी पट्टिकाओं के विरुद्ध अभियान की शुरुआत कर दी गई। इस अभियान की कमान जिला यातायात प्रभारी संजय जायसवाल ने संभाली। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 पर अपनी टीम के साथ विशेष जांच अभियान चलाते हुए उन्होंने सबसे पहले शासकीय अधिकारियों के वाहनों से नियमों के विपरीत लगी नाम-पद एवं विभाग संबंधी पट्टिकाएं हटवाईं। इसके साथ ही वाहनों के शीशों पर लगी ब्लैक फिल्म की भी मशीन के माध्यम से जांच की गई और जहां नियमों का उल्लंघन मिला, वहां उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की गई।
यातायात प्रभारी संजय जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक चरण में दर्जनभर से अधिक वाहनों से नाम, पद एवं विभाग संबंधी पट्टिकाएं हटवाई गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देते हुए समझाइश दी जा रही है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आगामी दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना सहित विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।

हालांकि अभियान की शुरुआत सराहनीय मानी जा रही है, लेकिन फिलहाल इसकी जद में मुख्य रूप से शासकीय अधिकारी एवं विभागीय वाहन ही आए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि राजनीतिक दलों के नेताओं, विभिन्न संगठनों, प्रेस लिखे वाहनों तथा निजी वाहनों पर अवैध रूप से लिखे नाम, पद, जातिसूचक संबोधन और प्रभाव दिखाने वाली पट्टिकाओं पर कब कार्रवाई होगी। अक्सर ऐसे वाहनों का उपयोग रौब जमाने और विशेष पहचान प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है, जबकि मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत इस प्रकार के प्रदर्शन पर स्पष्ट नियम निर्धारित हैं।
वहीं, जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इस अभियान के विस्तार का इंतजार किया जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का पालन पूरे जिले में समान रूप से कराया जाता है तो सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और किसी भी व्यक्ति या वर्ग के लिए अलग-अलग मानदंड होने की धारणा भी समाप्त होगी। अब देखना होगा कि जिला पुलिस इस अभियान को कितनी व्यापकता के साथ आगे बढ़ाती है और अन्य थाना क्षेत्रों में इसकी शुरुआत कब तक होती है।