गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था की त्रिवेणी बना दद्दा धाम, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था की त्रिवेणी बना दद्दा धाम, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

कटनी।। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर कटनी स्थित परम पूज्य दद्दा धाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना रहा। प्रातःकाल से ही धाम परिसर में दूर-दराज़ से आए हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने पूज्य ब्रह्मलीन पं. देव प्रभाकर शास्त्री ‘दद्दा जी’ की समाधि पर मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गुरु परंपरा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की।
सुबह से ही समाधि स्थल पर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु अनुशासित ढंग से अपनी बारी का इंतजार करते हुए गुरु चरणों में शीश नवाते रहे। पूरे धाम परिसर में “हर-हर महादेव” और “दद्दा जी अमर रहें” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का प्रमुख आकर्षण पार्थिव शिवलिंग निर्माण का धार्मिक अनुष्ठान रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का पूजन किया। पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चों ने पूरे श्रद्धाभाव एवं उत्साह के साथ इस पुण्य अनुष्ठान में भाग लिया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए धाम समिति एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए। दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक लगातार श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करते रहे। परिसर में पेयजल, छायादार विश्राम स्थल तथा प्राथमिक उपचार जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि दद्दा धाम पहुंचते ही उन्हें अद्भुत आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। उनका कहना था कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दद्दा जी की समाधि के दर्शन और पार्थिव शिवलिंग निर्माण का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
दिनभर धाम में गुरु पूजन, शिव आराधना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। संध्या आरती तक श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर बना रहा और पूरा दद्दा धाम गुरु भक्ति, सेवा और समर्पण के भाव से सराबोर दिखाई दिया।