नगर निगम कर्मियों पर हमले से आक्रोश, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो ठप होंगी शहर की सेवाएं, कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, कोतवाली पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
नगर निगम कर्मियों पर हमले से आक्रोश, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं तो ठप होंगी शहर की सेवाएं, कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, कोतवाली पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
कटनी।। नगर निगम के अतिक्रमण विभाग कार्यालय में हुई कथित मारपीट की घटना के विरोध में नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी एकजुट होकर कोतवाली थाना पहुंचे। कर्मचारियों ने घटना को सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।

गौरतलब है कि 12 जून की रात्रि अतिक्रमण विभाग की कार्रवाई को लेकर उपजे विवाद के बाद कुछ लोगों द्वारा कार्यालय पहुंचकर कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी गई। सोमवार को नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, दैनिक वेतनभोगी, पेंशनर एवं कर्मचारी संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में एकत्रित होकर थाना कोतवाली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना था कि नगर निगम अमला शहर की सफाई, अतिक्रमण नियंत्रण, जलापूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निरंतर कार्य करता है, ऐसे में कर्मचारियों के साथ हिंसक व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
मध्यप्रदेश नगर निगम, नगर पालिका कर्मचारी संघ ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा नगर निगम कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए। संगठन का कहना है कि यदि शासकीय कार्यों का निर्वहन कर रहे कर्मचारियों पर हमले होने लगेंगे तो इससे कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित होगा और जनसेवाओं पर भी असर पड़ेगा।
कर्मचारियों ने डीएसपी रत्नेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर नगर की मूलभूत सेवाओं से जुड़े कार्यों को प्रभावित कर विरोध प्रदर्शन भी किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि किसी भी कार्रवाई से असहमति होने पर उसके लिए कानूनी और प्रशासनिक रास्ते उपलब्ध हैं, लेकिन सरकारी कार्यालय में पहुंचकर विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं कानून व्यवस्था एवं प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी और कर्मचारियों को न्याय मिलेगा। नगर निगम कर्मचारियों का कहना है कि वे नगरहित में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे, लेकिन कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान
ज्ञापन समय जाने के दौरान नगर निगम उपायुक्त श्री गुप्ता, राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक,सुरेंद्र शर्मा इकाई अध्यक्ष, नगर निगम अतिक्रमण अधिकारी मानवेंद्र सिंह, प्रमुख पदाधिकारी:-सुरेंद्र सिंह सोलंकी – प्रदेश अध्यक्ष,गणेश प्रसाद विचपुरिया – प्रदेश संगठन सचिव,पारस नाथ प्रजापति – जिला अध्यक्ष
महेन्द्र शर्मा – इकाई संरक्षक, श्रीराम चौरसिया – इकाई संरक्षक, सुरेंद्र शर्मा – इकाई अध्यक्ष
इकाई सलाहकार, विष्णु प्रसाद साहू – इकाई सलाहकार, रविशंकर पाण्डे – इकाई सलाहकार
रिजवान खान – इकाई सलाहकार,संगठन पदाधिकारी
मृदुल तिवारी – अध्यक्ष,पुरुषोत्तम तिवारी, महेश चौबे – महामंत्री प्रमोद खरे,तेजभान सिंह,संदीप पाठक – सचिव,आलोक गर्ग ओम प्रकाश सोनी
प्रभांशु तिवारी – उप सचिव, नीलिमा झा राकेश तिवारी, छोटेलाल चौधरी – संगठन सचिव
सुशील कुमार सोनी,शशिकांत नायक
अनमोल शुक्ला – संयुक्त सचिव,राजकुमार गुप्ता
Rajkumar Pandey (राजकुमार पांडे)
रंगलाल बर्मन – प्रवक्ता,शंकर लाल तिवारी, शुभम प्यासी – कोषाध्यक्ष,प्रमोद पांडे,कार्यकारिणी सदस्य
अशोक तिवारी, रमाकांत रावत, विनोद कुमार सोंधिया
गुड्डी दहिया, गोमती केवट, अतुल गुप्ता, अशोक सेन
परमवीर सिंह (अनमोल),पेंशनर समिति नवीन पाठक मुरलीधर देवबंशी,अरविंद प्यासी,सुरेंद्र पांडे सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहें।