अपने दर्द को भुलाकर घायलों के बीच पहुंचे विधायक संदीप जायसवाल, बोले—जनता की पीड़ा से बढ़कर कुछ नहीं
अपने दर्द को भुलाकर घायलों के बीच पहुंचे विधायक संदीप जायसवाल, बोले—जनता की पीड़ा से बढ़कर कुछ नहीं
कटनी। जनप्रतिनिधि वही होता है जो सुख-दुख में जनता के साथ खड़ा रहे। कुंठला थाना क्षेत्र के लामतरा के पास हुए भीषण बस हादसे के बाद यह बात एक बार फिर सच साबित हुई, जब मुड़वारा विधायक संदीप श्री प्रसाद जायसवाल अपनी शारीरिक पीड़ा को दरकिनार कर जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। बस दुर्घटना की खबर जैसे ही पूरे क्षेत्र में फैली, लोगों के दिल दहल उठे। हादसे में तीन लोगों की असमय मौत ने कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया, जबकि दो दर्जन से अधिक घायल जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किए गए। अस्पताल के गलियारों में दर्द, चिंता और बेचैनी का माहौल था। परिजनों की आंखों में अपनों को बचाने की उम्मीद और हादसे की भयावह यादें साफ दिखाई दे रही थीं।

इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मात्र चार दिन पहले पथरी का ऑपरेशन कराने वाले विधायक संदीप जायसवाल, जिनके टांके तक नहीं खुले हैं, चिकित्सकों और परिवार की सलाह को पीछे छोड़ अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सख्त हिदायत दी थी, लेकिन जनता की पीड़ा ने उन्हें चैन से बैठने नहीं दिया। अस्पताल पहुंचते ही विधायक सीधे वार्डों में गए और एक-एक घायल से मुलाकात की। उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली, परिजनों का हौसला बढ़ाया और चिकित्सकों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। दर्द से कराह रहे मरीजों के सिर पर हाथ रखकर उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनके साथ खड़े हैं।

इस दौरान विधायक भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा, जनता ने मुझे अपना प्रतिनिधि बनाया है। ऐसे समय में यदि मैं अपने स्वास्थ्य का बहाना बनाकर घर पर बैठ जाऊं, तो यह मेरे कर्तव्य के साथ न्याय नहीं होगा। अस्पताल में भर्ती हर घायल मेरा अपना है। जब मेरे क्षेत्र के लोग दर्द सह रहे हों, तब मेरा आराम कोई मायने नहीं रखता।
उनकी इस संवेदनशीलता और समर्पण को देखकर अस्पताल में मौजूद लोग भी भावुक हो उठे। कई परिजनों ने कहा कि दुख की इस घड़ी में विधायक का स्वयं आकर हालचाल लेना उनके लिए बड़ी राहत और मानसिक संबल है। लोगों ने इसे केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जनसेवक की सच्ची संवेदना बताया।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार घायलों के उपचार में जुटी रही, वहीं विधायक ने अधिकारियों से चर्चा कर उपचार व्यवस्था की जानकारी ली और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
लामतरा बस हादसे ने पूरे कटनी जिले को शोक में डुबो दिया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है और अनेक लोग अभी भी अस्पताल में जीवन की जंग लड़ रहे हैं। ऐसे कठिन समय में विधायक संदीप जायसवाल का अपने निजी दर्द को भुलाकर घायलों के बीच पहुंचना यह संदेश देता है कि जनसेवा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संवेदनाओं का वह रिश्ता है जो जनता और जनप्रतिनिधि को एक-दूसरे से जोड़ता है।
दर्द से भरे इस माहौल में विधायक की उपस्थिति ने यह एहसास कराया कि संकट की घड़ी में कोई उनके साथ खड़ा है। शायद यही कारण है कि अस्पताल से लौटते समय कई लोगों की जुबां पर एक ही बात थी। यही तो सच्ची जनसेवा है, जो अपने दर्द से ऊपर उठकर दूसरों के घावों पर मरहम लगाती है।