रक्शा पंचायत में तिरंगे के सम्मान पर उठे सवाल, ध्वजारोहण के दौरान लगी रही गांठ

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राष्ट्रगान शुरू होने तक ठीक से नहीं फहरा था तिरंगा, ग्रामीणों ने कहा- राष्ट्रीय पर्व पर ऐसी लापरवाही कैसे?
(जय प्रकाश शर्मा)
मानपुर। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर जहां पूरे देश में तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रगान के प्रति श्रद्धा का भाव नजर आया, वहीं ग्राम पंचायत रक्शा में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रीय ध्वज में गांठ लगी हुई थी और तिरंगा पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से फहराए जाने से पहले ही राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ शुरू करा दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक राष्ट्रीय पर्व के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिस तरह की व्यवस्थाएं होनी चाहिए थीं, उनका पालन नहीं किया गया। तिरंगे में लगी गांठ को लेकर भी कार्यक्रम के दौरान जिम्मेदारों का ध्यान नहीं गया। आरोप है कि ध्वजारोहण की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित होने से पहले ही राष्ट्रगान शुरू करा दिया गया। इससे कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी असहज स्थिति बनी और आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।

तिरंगे की गरिमा से खिलवाड़ का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज महज कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश की आन-बान और शान का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी संस्थान में होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रम में तिरंगे की स्थिति से लेकर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक प्रत्येक प्रक्रिया में पूरी सावधानी और गरिमा बरती जानी चाहिए। ऐसे में यदि ध्वज में गांठ लगी होने के बावजूद उसे फहराया गया और राष्ट्रगान भी समय से पहले शुरू करा दिया गया, तो यह गंभीर लापरवाही का विषय है।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां पहले से की जाती हैं, तो फिर ध्वज की स्थिति और कार्यक्रम की प्रक्रिया की जांच क्यों नहीं की गई? क्या जिम्मेदारों ने कार्यक्रम शुरू होने से पहले तिरंगे और ध्वजारोहण की व्यवस्था का निरीक्षण तक नहीं किया?

जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्यक्रम के दौरान हुई कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों से जवाब-तलब करने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने कार्यक्रम की वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने के साथ यह भी मांग की है कि भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान से जुड़े आयोजनों में निर्धारित प्रोटोकॉल और गरिमा का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराया जाए।
हालांकि, मामले में ग्राम पंचायत रक्शा अथवा संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है।

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