जनपद पंचायत गौरेला में 1.19 करोड़ की कथित अवैध डिजिटल निकासी पर राज्य संपरीक्षा की जांच

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गौरेला। जनपद पंचायत गौरेला में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ 19 लाख रुपये की डिजिटल माध्यम से अवैध निकासी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा, बिलासपुर ने ऑनलाइन ऑडिट और भौतिक सत्यापन के निर्देश जारी किए हैं।

संयुक्त संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य संपरीक्षा कार्यालय द्वारा जारी पत्र में वरिष्ठ संपरीक्षक को निर्देशित किया गया है कि जनपद पंचायत गौरेला में सामने आए डिजिटल फर्जीवाड़े और अवैध आहरण संबंधी समाचारों के आधार पर विस्तृत जांच की जाए। जांच के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत गौरेला से संबंधित अभिलेख, स्वीकृत कार्य योजनाएं, बैंक स्टेटमेंट, कैशबुक, भुगतान संबंधी दस्तावेज और निर्माण कार्यों से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है।

पत्र के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों में कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है, उनमें तेन्दुमुड़ा (29.98 लाख), नेवरी (26 लाख), ठाड़पथरा (23.26 लाख), आमाडोब (10.91 लाख), पूटा (10.72 लाख), आमगांव (6 लाख), साल्हेघोरी (6.69 लाख) और हर्राटोला (5.47 लाख रुपये) शामिल हैं। इन सभी पंचायतों से संबंधित भुगतान, डीएससी के माध्यम से किए गए लेन-देन, प्रस्ताव पंजी, बैंक अभिलेख, बिल-वाउचर तथा अन्य दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

राज्य संपरीक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभिलेखों का भौतिक सत्यापन कर साक्ष्यों सहित ऑनलाइन एवं ऑफलाइन जांच प्रतिवेदन पृथक रूप से प्रस्तुत किया जाए। मामले की प्रतिलिपि संचालक राज्य संपरीक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कलेक्टर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।

इस कार्रवाई से जनपद पंचायत गौरेला में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

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