हौंसलों को मिली बैशाखी कलेक्‍टर की संवेदनशीलता ने आसान की शिवानी की राह

0

हौंसलों को मिली बैशाखी कलेक्‍टर की संवेदनशीलता ने आसान की शिवानी की राह
कटनी।। मंगलवार को कलेक्‍ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्‍टर आशीष तिवारी की संवेदनशीलता और मानवीयता देखने को मिली। जब कलेक्‍टर ने दिव्‍यांग शिवानी के आत्‍मनिर्भर बनने के सपने को पंख दिए। जनसुनवाई के दौरान शासकीय तिलक कॉलेज में अध्‍ययनरत बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा ग्राम परसवारा जिला पन्‍ना निवासी शिवानी पाल ने कलेक्टर को आवेदन देते हुए अपनी अस्थिबाधित दिव्‍यांगता की जानकारी दी। दिव्‍यांग छात्रा शिवानी ने बताया कि मैं 70 फीसदी दिव्‍यांग हूँ इसलिए आने-जाने की सुविधा के लिए बैशाखी की जरूरत बताई और भविष्य में शारीरिक बाधा को पीछे छोड़ ‘आत्मनिर्भर’ बनने के लिए बेसिक कंप्यूटर कोर्स करने की मंशा व्‍यक्‍त की। कलेक्‍टर को शिवानी की आंखों में भविष्‍य के सपने साफ दिखाई दे रहे थे। ऐसे में शिवानी के हौसले और शिक्षा के प्रति ललक देखकर कलेक्‍टर श्री तिवारी खासे प्रभावित हुये। कलेक्‍टर ने शिवानी को सुगम आवागमन के लिए तत्‍काल बैशाखी उपलब्‍ध कराई। इतना ही नहीं कलेक्‍टर ने शिवानी के कम्‍प्‍यूटर सीखने की इच्‍छा को प्राथमिकता देते हुये तिलक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेयी को निर्देशित किया कि वे छात्रा को कम्‍प्‍यूटर कोर्स कराने में मदद करें। जिस पर शासकीय तिलक कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वाजपेयी ने दिव्‍यांग छात्रा शिवानी की हर संभव सहयोग करने की बात कही। बैसाखी मिलने के बाद शिवानी के चेहरे पर मुस्‍कान और आत्‍मविश्‍वास देखने लायक था। शिवानी ने भावुक होते हुये कलेक्‍टर श्री तिवारी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह बैशाखी सिर्फ सहारा नहीं बल्कि मेरी पढ़ाई में आने वाली बाधाओं का अंत है। अब मैं बिना किसी रूकावट के कॉलेज जा सकूँगी और कम्‍प्‍यूटर कोर्स पूरा कर आत्‍मनिर्भर बनूँगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed