एलिमा मशीन खराब, मरीजों की जान से खिलवाड़! जिला अस्पताल ब्लड बैंक में बिना पूरी जांच के चढ़ाया जा रहा खून, VIP मरीजों के सैंपल जबलपुर भेजे जाने के आरोप

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एलिमा मशीन खराब, मरीजों की जान से खिलवाड़!
जिला अस्पताल ब्लड बैंक में बिना पूरी जांच के चढ़ाया जा रहा खून, VIP मरीजों के सैंपल जबलपुर भेजे जाने के आरोप
कटनी।। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक की बदहाल व्यवस्था अब मरीजों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। अस्पताल में पिछले तीन दिनों से ब्लड जांच के लिए उपयोग में आने वाली महत्वपूर्ण एलिमा मशीन तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी है। इसके बावजूद गंभीर मरीजों को बिना पूर्ण जांच के ही खून चढ़ाए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक में किसी भी मरीज को रक्त चढ़ाने से पहले एलिमा मशीन के माध्यम से ब्लड की स्क्रीनिंग की जाती है। इस जांच से यह सुनिश्चित होता है कि रक्त डेंगू, हेपेटाइटिस बी-सी, एचआईवी या अन्य संक्रमित बीमारियों से मुक्त है या नहीं। लेकिन मशीन खराब होने के कारण यह पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में रैपिड टेस्ट किट की भी पर्याप्त उपलब्धता नहीं है। ऐसे में कई मरीजों को बिना एलिमा जांच के ही रक्त चढ़ाया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो संक्रमित रक्त का असर कई बार छह माह बाद सामने आता है, तब तक बीमारी शरीर में गंभीर रूप ले चुकी होती है।
VIP मरीजों को अलग सुविधा, गरीबों की जिंदगी जोखिम में
सूत्रों के अनुसार अस्पताल में आने वाले कुछ प्रभावशाली या VIP मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए जबलपुर अथवा सतना भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें रक्त चढ़ाया जाता है, जबकि सामान्य और गरीब मरीजों को तत्काल आवश्यकता बताकर बिना पूर्ण जांच के रक्त देने की बात सामने आई है। इस भेदभावपूर्ण व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
इधर हाल ही में जिला अस्पताल में लगभग 200 यूनिट रक्तदान हुआ था, लेकिन मशीन खराब होने के कारण उन यूनिटों की स्क्रीनिंग नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इन रक्त सैंपलों को जांच के लिए जबलपुर भेजा जा रहा है, जिससे रिपोर्ट आने में लंबा समय लग रहा है। ऐसे में इमरजेंसी मरीजों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
संक्रमण का बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बिना एलिमा जांच के रक्त चढ़ाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। यदि संक्रमित रक्त किसी मरीज को चढ़ा दिया जाए तो उसे हेपेटाइटिस या एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है। यही कारण है कि ब्लड स्क्रीनिंग प्रक्रिया को चिकित्सा व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
क्या बोले ब्लड बैंक प्रभारी
इस मामले में ब्लड बैंक प्रभारी ने स्वीकार किया कि ब्लड क्रॉस चेक मशीन यानी एलिमा पिछले तीन दिनों से तकनीकी खराबी के कारण बंद है। उन्होंने बताया कि मशीन खराब होने से स्टाफ और मरीज दोनों को परेशानी हो रही है। तत्काल आवश्यकता वाले मामलों में ब्लड सैंपल जांच के लिए जबलपुर भेजे जा रहे हैं, लेकिन रिपोर्ट आने में समय लगता है। मशीन सुधार के लिए संबंधित विभाग को सूचना दे दी गई है और जल्द सुधार होने की उम्मीद है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पताल प्रशासन को मशीन खराब होने की जानकारी थी, तो वैकल्पिक व्यवस्था समय रहते क्यों नहीं की गई और यदि बिना पूरी जांच के मरीजों को रक्त चढ़ाया जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

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