बाजार में उमड़ी भीड़, न मास्क न दूरी….. कही ये लापरवाही पड़ न जाए प्रशासन पर भारी

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(Narad#9826550631)

शहडोल। देश और दुनिया मे कोरोना वायरस के संक्रमण ने दिन ब दिन ग्रसित हो रहे लोगों की संख्या को देखकर हड़कंप मचा हुआ है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी एलर्ट जारी कर दिया है लेकिन प्रशासन और जिलेवासी इसके बाद भी सबक नहीं ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा सुबह से रात्रि के 9 बजे तक बाजार खोलने की अनुमति देने के बाद भी दुकानों पर खरीदारों की भी भीड़ लग रही है। सामान की खरीदारी करते समय लोग न तो मुंह पर मास्क लगा रहें हैं और न ही शारीरिक दूरी का पालन कराया जा रहा है। ये लापरवाही कहीं भारी न पड़ जाए,

उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन में लोगों को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा बाजार को खोलने की अनुमति दी गई है, परंतु प्रशासन द्वारा दी गई छूट का ग्राहकों और व्यापारियों द्वारा अनुचित फायदा उठाया जा रहा है। बाजार में लोगों द्वारा प्रशासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शनिवार को लगती बाजार की भीड़ ने कुछ और ही बताया है। फुटकर दुकानों, ठेलो, सब्जी मंडी पर खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ अच्छी खासी देखी गई । वहां न तो शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा था और न ही लोग मुंह पर मास्क लगाए थे। एक के पीछे एक चल रही भीड़ कोरोंना ब्लास्ट की तैयारी में लगी है। जबकि बाजार को खुलवाने के लिए प्रशासन ने गाइड लाइन तैयार की थी। इसके तहत दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठानों पर पानी की बाल्टी, हाथ धोने का साबुन या हैंडवॉश से बार-बार हाथ धोने और मुंह पर मास्क लगाकर शारीरिक दूरी से सामान बेचने के लिए निर्देशित किया था। परंतु दुकानों पर न तो पानी की बाल्टी है न ही हाथ धोने के लिए साबुन है। इस तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।

गांधी चौक से गंज रोड़ तक सड़कों पर लग रहा है जाम

अनलॉक 2 में बाजार खुलने के साथ ही नगर की मुख्य सड़कों पर भीड़ का जमावड़ा शुरू हो गया। यहां तक कि नगर के मुख्य चौराहे पर पिछले कई दिनों से जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाजार में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगी है और उनके वाहन भी दुकानों के आगे बेतरतीब ढंग से रखे हैं। लोगों की लापरवाही के कारण बाजार में जाम की स्थिति बन रही है। पहले दुकानों के आगे शारीरिक दूरी के लिए गोले बनवाए थे, लेकिन अब कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं।

शासकीय कार्यालयों में भी हो रही है अनदेखी

एक ओर जहां बाजार में दुकानदार द्वारा शारीरिक दूरी के साथ-साथ मुंह पर मास्क इत्यादि लगाने का पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं शासकीय कार्यालय में भी लोग बेधड़क आ जा रहे हैं। किसी भी कार्यालय प्रमुख ने कार्यालय के मुख्य द्वारों पर न तो सैनिटाइजर की व्यवस्था की है, न ही रोक टोक के लिए गार्ड की ड्यूटी लगाई है। इस लापरवाही के कारण सबसे ज्यादा संक्रमण बढ़ने का खतरा सरकारी तंत्र के बाहर लगने वाली अपार भीड़ में देखा जा सकता है। बैंक के बाहर लोग उक्त महामारी की चिंता किए बगैर रुपयों के लेनदेन के लिए बारी का इंतजार कर रहे हैं।

शहर मास्क की रोक टोक से लापरवाह
कहने को तो संभागीय मुख्यालय बना हुआ है। और हाल ही में नगर के हृदय स्थल में मिले कोरोंना संक्रमितों का कन्टेंट एरिया भी बाजार से लगा हुआ है। लेकिन प्रशासन सिर्फ उक्त एरिया पर ही बंदिश लगा कर इती श्री कर ली है। इसके चलते लोगों में किसी प्रकार का डर अब प्रशाशन की जांच पड़ताल का नहीं रहा है। वहीं शहर के चारों ओर बगैर मास्क के घूम रहे लोगों पर भी डर गायब है।

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