वृंदावन ग्राम बरनमहगवां में कलेक्टर ने चौपाल में ग्रामीणों से किया संवाद बरनमहगवां बनेगा पोषण और महिला सशक्तिकरण का मॉडल लापरवाह एवीएफओ की दो वेतन-वृद्धि रोकने और पशु चिकित्सक को नोटिस जारी करने दिया निर्देश पशुधन विकास, कुपोषण मुक्ति, स्वच्छता और आजीविका संवर्धन के लिए तैयार होगा विशेष रोडमैप

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वृंदावन ग्राम बरनमहगवां में कलेक्टर ने चौपाल में ग्रामीणों से किया संवाद
बरनमहगवां बनेगा पोषण और महिला सशक्तिकरण का मॉडल
लापरवाह एवीएफओ की दो वेतन-वृद्धि रोकने और पशु चिकित्सक को नोटिस जारी करने दिया निर्देश
पशुधन विकास, कुपोषण मुक्ति, स्वच्छता और आजीविका संवर्धन के लिए तैयार होगा विशेष रोडमैप
कटनी।। विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की बरही तहसील स्थित वृंदावन ग्राम बरनमहगवां में पहुंचे कलेक्टर आशीष तिवारी ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव लिए और गांव को आदर्श वृंदावन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।इस मौके पर विजयराघवगढ़ एसडीएम विवेक गुप्ता मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि बरनमहगवां को ऐसा मॉडल ग्राम बनाया जाएगा, जहां पशुधन विकास, स्वच्छता, आजीविका, कृषि उन्नयन, पोषण और जनसुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य दिखाई दें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव की प्रत्येक आवश्यकता का सूक्ष्म सर्वेक्षण कर विभागवार कार्ययोजना तैयार की जाए और उसे समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जाए। चौपाल में पशुधन विकास और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने ग्रामीणों को पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की क्षीरधारा ग्राम योजना की जानकारी देते हुए इसे आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। इसी दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की कि क्षेत्र के सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्री सुखलाल प्रजापति गांव में नियमित रूप से नहीं आते हैं, जिससे पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारी की दो वेतन-वृद्धियां रोकने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने पशुपालन विभाग को बरनमहगवां में सात दिवसीय विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। शिविर में कृत्रिम गर्भाधान, उन्नत नस्ल के पशुओं के संवर्धन, पशु स्वास्थ्य परीक्षण और गौशाला में संरक्षित सभी गोवंशों के टीकाकरण की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं बरही की पशु चिकित्सक डॉ. खुशबू जैन की लचर कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीणों के साथ खुले संवाद के दौरान कलेक्टर ने पूछा कि गांव के विकास के लिए सबसे अधिक किन कार्यों की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं, जिन्हें कार्ययोजना में शामिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विकास तभी सार्थक होगा जब उसकी रूपरेखा गांव के लोगों की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जाए।
कलेक्टर श्री तिवारी ने पटवारी को फौती, नामांतरण, फार्मर आईडी, ई-केवाईसी सहित लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से सुपोषित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने ग्राम स्वच्छता, कृषि विकास, आजीविका मिशन, महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों में वृद्धि कर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और परिवार की आय में सुधार लाने और ग्रामीण रोजगार से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न आवेदनों और शिकायतों का निराकरण कर प्रशासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया गया।
इस दौरान उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, जनपद पंचायत बड़वारा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एपीओ डॉ. अजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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