भू-आवंटन की जमीन पर निर्माण का आरोप, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
(जय प्रकाश शर्मा)मानपुर। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 11 खुटार स्थित शहडोल रोड क्षेत्र में भू-आवंटन की जमीन की कथित खरीदी-फरोख्त और उस पर निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा जीवन-यापन के उद्देश्य से आवंटित भूमि का नियमों के विपरीत हस्तांतरण कर निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं।जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 123/1/1 से जुड़े भूमि विवाद में आरोप है कि भू-आवंटन प्राप्त भूमि पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस भूमि से जुड़े मामले में ठेकेदार रावेन्द्र विश्वकर्मा तथा क्षेत्र के एक व्यवसायी का नाम सामने आ रहा है। वहीं संबंधित पक्षों का कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की अवैध खरीदी-फरोख्त नहीं की है।
मामले को लेकर जब संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो अलग-अलग स्तर पर भिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आईं। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और किसी भी विभाग द्वारा मौके पर प्रभावी हस्तक्षेप नहीं किया गया।
तहसीलदार ने बताया नगरीय क्षेत्र का मामला
शिकायतकर्ताओं के अनुसार जब मामले की जानकारी तहसीलदार को दी गई तो उन्होंने इसे नगरीय क्षेत्र का विषय बताते हुए नगर परिषद में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने नगर परिषद का रुख किया, लेकिन वहां से भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई।
पटवारी ने बताया पट्टे की भूमि
वहीं संबंधित पटवारी सतीश कोल का कहना है कि संबंधित व्यक्ति अपने पट्टे की भूमि पर ही निर्माण कार्य कर रहा है। हालांकि शिकायतकर्ताओं का तर्क है कि भू-आवंटन की भूमि के संबंध में विशेष नियम लागू होते हैं और उसकी खरीदी-फरोख्त वैधानिक जांच का विषय है।
कलेक्टर ने दिया था कार्रवाई का आश्वासन
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मामले की जानकारी उमरिया कलेक्टर को भी दी गई थी। कलेक्टर ने जानकारी भेजने पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आरोप है कि शिकायत किए जाने के लगभग एक सप्ताह बाद भी न तो निर्माण कार्य रोका गया और न ही किसी जांच की जानकारी सार्वजनिक की गई।

क्या कहते हैं भू-आवंटन के नियम?
राजस्व नियमों के अनुसार शासन द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, भूमिहीन अथवा पात्र व्यक्तियों को जीवन-यापन और आवासीय उपयोग के लिए भू-आवंटन प्रदान किया जाता है। ऐसी भूमि पर आवंटन की शर्तें लागू रहती हैं। सामान्यतः भू-आवंटित भूमि को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बेचना, खरीदना, गिरवी रखना या किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित करना प्रतिबंधित होता है। यदि आवंटन की शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित भूमि का आवंटन निरस्त कर उसे पुनः शासकीय भूमि घोषित किया जा सकता है तथा नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
इनका कहना है…
आप लिखित शिकायत दे दीजिए, मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लालमणि प्रजापति,
राजस्व निरीक्षक, मानपुर
इनका कहना है…
लिखित आवेदन प्राप्त होने पर मामले को दिखवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजेंद्र कुशवाहा
सीएमओ, नगर परिषद मानपुर