एसएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में ओडिसी नृत्य कार्यक्रम आयोजित
जीपीएम । इंटैक चैप्टर जीपीएम जिला के बैनर तले एसएस कॉलेज ऑफ एजुकेशन में प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना जानवी बेहरा की विशेष नृत्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएस कॉलेज के संचालक श्री शाहिद जमा खान जी ने की, जबकि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल सत्तार जी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध ओडिसी नृत्यांगना जानवी बेहरा ने अपनी भावपूर्ण अभिव्यक्ति, शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों और मनमोहक नृत्य-भंगिमाओं से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति में नृत्य के साथ भाव, अभिनय और संगीत का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
जानवी बेहरा की प्रमुख उपलब्धियां
नृत्यांगना जानवी बेहरा को संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित “उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार” तथा “माहारी पुरस्कार” से सम्मानित किया जा चुका है। वे दूरदर्शन केंद्र, भुवनेश्वर की मान्यता प्राप्त कलाकार होने के साथ ICCR एवं SPIC MACAY की सूचीबद्ध कलाकार भी हैं।
उन्होंने भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, जापान, ब्रिटेन, चीन, कंबोडिया, वियतनाम, मलेशिया और सिंगापुर सहित कई देशों में ओडिसी नृत्य की प्रस्तुतियां दी हैं। वे अमेरिका स्थित एक ओडिसी नृत्य विद्यालय में अतिथि शिक्षिका के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। नृत्य के साथ वे डिजाइनर एवं क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में भी कार्य करती हैं और अपने ब्रांड एवं डिजाइन हाउस “Janhabi’s Craftogram” का संचालन करती हैं।
उनकी प्रस्तुति में हराप्रिया स्वाइन (गायन), सौम्य रंजन नायक (मर्दला) एवं प्रदीप कुमार महाराणा (वायलिन) ने सहयोगी कलाकार के रूप में अपनी प्रस्तुति दी। कलाकारों के बीच शानदार तालमेल ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम में कॉलेज की लगभग 200 छात्राओं ने आनंद लिया। छात्राओं ने ओडिसी नृत्य की शास्त्रीय शैली, नृत्यांगना की भावपूर्ण प्रस्तुति एवं सहयोगी कलाकारों की कला की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और उसकी सांस्कृतिक महत्ता को करीब से समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में एसएस कॉलेज के स्टाफ नवीन जेम्स, गायत्री भोसले, मयूरी तिवारी, चांदनी पुरी, हेमंत तिवारी, रुपेश, अफरोज, शुक्ला मैडम, कंचन, मिराज एवं आंचल सहित कॉलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय कला, ओडिसी नृत्य की बारीकियों तथा इसकी समृद्ध सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम ने छात्राओं में भारतीय कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।