पतौर में पार्क सीमा के आसपास होटल निर्माण पर उठे सवाल, पंचायत के प्रमाण पत्रों की भूमिका जांच के घेरे में

0

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नियमों की अनदेखी के आरोप, राजपत्र के प्रावधानों के बावजूद निर्माण जारी रहने का दावा
(जय प्रकाश शर्मा)मानपुर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर क्षेत्र में पार्क सीमा के आसपास तेजी से हो रहे होटल और अन्य निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि कई निर्माणों के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की ओर से प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़े। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन निर्माणों के लिए निर्धारित वैधानिक अनुमतियां और पर्यावरणीय एवं राजस्व संबंधी नियमों का पालन किया गया है।
मामले को लेकर भारत सरकार के राजपत्र में संरक्षित क्षेत्र के संबंध में निर्धारित प्रावधानों के पालन पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क सीमा के आसपास किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और भूमि की स्थिति की जांच जरूरी है, लेकिन पतौर क्षेत्र में निर्माण कार्य लगातार सामने आ रहे हैं।
पंचायत के प्रमाण पत्रों पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पतौर क्षेत्र में कुछ होटल और अन्य निर्माणों के लिए ग्राम पंचायत स्तर से प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। अब इन प्रमाण पत्रों के आधार और अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि भूमि पार्क सीमा अथवा उससे जुड़े संवेदनशील क्षेत्र के अंतर्गत आती है, तो केवल पंचायत प्रमाण पत्र के आधार पर निर्माण की अनुमति किस तरह दी गई, इसकी जांच होना जरूरी है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और राजस्व विभाग की निगरानी पर सवाल
मामले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और राजस्व विभाग की भूमिका भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क सीमा के आसपास लंबे समय से निर्माण गतिविधियां चल रही हैं तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाए जाते हैं, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का विषय है।
एलएसी सदस्य होने से बढ़ी जिम्मेदारी
बताया जा रहा है कि पतौर के सरपंच एलएसी समिति के सदस्य भी हैं। ऐसे में पंचायत की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्रों को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया की जांच की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समिति से जुड़े व्यक्ति की भूमिका होने की स्थिति में यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रमाण पत्र जारी करते समय किन दस्तावेजों और नियमों का परीक्षण किया गया था।
निर्माणों की वैधता की जांच की मांग
अब स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि पतौर क्षेत्र में पार्क सीमा के आसपास बने और निर्माणाधीन सभी होटल एवं अन्य व्यावसायिक निर्माणों का संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। भूमि का राजस्व रिकॉर्ड, निर्माण की अनुमति, पंचायत से जारी प्रमाण पत्र, संबंधित विभागों की अनापत्ति और राजपत्र में निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन की जांच की जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed