जीपीएम जिले में पीएम आवास योजना में फर्जीवाड़े का आरोप, 70 वर्षीय बुजुर्ग ने कलेक्टर से की शिकायत

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मोहम्मद शाकिब खान मुख्य संवाददाता गौरेला

 

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM): जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा की राशि में गड़बड़ी का एक कथित मामला सामने आया है। जनपद पंचायत गौरेला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लालपुर के एक 70 वर्षीय बुजुर्ग ने जनदर्शन में कलेक्टर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। बुजुर्ग का आरोप है कि दूसरे के घर की जियो-टैगिंग कर उनके हिस्से की आवास राशि का तत्कालीन कर्मचारियों और अधिकारियों द्वारा गबन किया गया है।

 

संबंधित मामले की जानकारी:

 

कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र के अनुसार, ग्राम लालपुर निवासी जगदीश प्रसाद राठौर (70 वर्ष) का वर्ष 2022-23 में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था (पंजीयन क्रमांक CH2266808)। शिकायतकर्ता ने बताया कि 8 अगस्त 2023 को पहली किस्त के रूप में 25,000 रुपये उनके छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक के खाते में आए थे, जिसे उन्होंने आहरित कर लिया था।

 

बिना जानकारी के दूसरे के घर का हुआ जियो-टैग:

शिकायतकर्ता का दावा है कि पहली किस्त मिलने के बाद उनकी गैर-मौजूदगी और बिना जानकारी के किसी अन्य व्यक्ति के घर का फोटो जियो-टैग कर दिया गया। बुजुर्ग के अनुसार, ‘आवास सॉफ्ट’ पोर्टल पर दूसरी और तीसरी किस्त (40,000 – 40,000 रुपये) उनके बैंक खाते में जमा होना प्रदर्शित हो रहा है, लेकिन जब उन्होंने अपना बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो खाते में कोई भी राशि जमा नहीं हुई थी।

 

अंतिम किस्त किसी अज्ञात खाते में गई:

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप चौथी और अंतिम किस्त को लेकर लगाया गया है। आवेदक का दावा है कि जियो-टैग के बाद चौथी किस्त की राशि (15,000 रुपये) किसी अज्ञात खाता संख्या (जिसके अंतिम अंक xxxx2395 हैं) में डीबीटी (DBT) के माध्यम से जमा दिखा रही है। बुजुर्ग ने स्पष्ट किया है कि यह खाता उनका नहीं है।

 

कलेक्टर से जांच और कार्रवाई की मांग:

5 मई 2026 को जनदर्शन में दिए गए इस आवेदन के माध्यम से पीड़ित बुजुर्ग जगदीश प्रसाद राठौर ने जिला प्रशासन से इस कथित फर्जीवाड़े की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और एक सही हितग्राही होने के नाते अपनी बकाया राशि का भुगतान कराने का निवेदन किया है।

 

अब देखना यह होगा कि इस शिकायत के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की जांच कर क्या कदम उठाते हैं।

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