आज से फिर आंदोलन करेंगे डाक्टर

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              आश्वासन के बाद पूर्व में डाक्टरों ने तोड़ी थी हड़ताल

शहडोल। चिकित्सको के लिये डीएसीपी योजना के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की 31 मार्च की रिपोर्ट को यथा
लागू करने एवं मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था। लेकिन उनके द्वारा अब आश्वासन पूरा करने में हीलाहवाली की जा
रही है। इससे क्षुब्ध होकर चिकित्सकों ने पुन: 1 मई से हड़ताल का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। इस हेतु
उन्होनेे सीएमएचओ और सिविल सर्जन को जानकारी दी है। ज्ञातव्य है कि शासकीय / स्वशासी चिकित्सक महासंघ
के बैनर तले प्रदेश के 10 हजार चिकित्सकों ने अपनी कई वर्षों से लंबित मांगों को लेकर 17 फरवरी को प्रदेशव्यापी
आंदोलन किया था। जिसे मुख्यमंत्री के निर्देश एवं आश्वासन पर जनहित में स्थगित कर समस्त चिकित्सक कार्य
पर लौटे थे।
प्रदेश के चिकित्सकों के सभी संवर्गों के लिये डीएसीपी योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर 17
फरवरी को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य, मध्यप्रदेश शासन की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय

समिति का गठन किया उच्च स्तरीय समिति की कई दौर की बैठकों और घंटो, दिनों की चर्चा के बाद उच्च
अधिकारियों एवं महासंघ के पदाधिकारियों की सहमति उपरांत सर्वसम्मति से समिति का प्रतिवेदन सदस्यों के
हस्ताक्षर उपरांत दिनांक 31 मार्च को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को आगामी कार्यवाही
हेतु सौंपा गया था।
समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन पर विगत कई दिनों से शासन के स्तर पर कार्यवाही लंबित है। उच्च अधिकारियों
द्वारा समिति के सर्वसम्मति उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन के निर्णय को परिवर्तित किये जाने के प्रयास किये जा रहे है
चिकित्सक महासंघ के चिकित्सक साथी प्रतिवेदन के निर्णय को परिवर्तित किये जाने के प्रयास से आक्रोशित एवं
महासंघ को ऐसा महसूस हो रहा है कि उच्च स्तरीय समिति के सर्वसम्मति से प्रस्तुत प्रतिवेदन को लागू ना करके
वादा खिलाफी की जा रही है। महासंघ को पूरा विश्वास है कि, प्रदेश के संवेदनशील मुखिया द्वारा किया गया वादा
आश्वासन की भेंट नही चढ़ेगा। 17 फरवरी 2023 से आज दिनांक तक लगभग 2 माह से अधिक समय बीत जाने के
उपरांत भी कोई ठोस कार्यवाही धरातल पर परिलक्षित ना होने के कारण समस्त चिकित्सको का असीम धैर्य टूट रहा
है एवं चिकित्सक समुदाय में घोर निराशा एवं रोष व्याप्त है।
उच्च अधिकारियों के रवैये ने चिकित्सक महासंघ की भविष्य में कार्य बंद कर आंदोलन जैसी स्थिति ना बने,
चिकित्सकों जैसा प्रबुद्ध वर्ग पीडि़त मानवता की सेवा छोडक़र सडक़ पर आने के लिये मजबूर ना हो, इस हेतु आप
उच्च स्तरीय समिति की अनुशंसा जो कि समिति के सदस्यों की सर्वसहमति से जारी की गई थी के संबंध में आदेश
जारी करने हेतु तय समय सीमा में संबंधितों को निर्देश देवें। प्रदेश के सभी चिकित्सकों के संगठन महासंघ ने दिनांक
16 अप्रैल को इन्दौर में आयोजित महा सम्मेलन में यह निर्णय लिया है कि आदेश ना निकलने की दशा में प्रदेश के
सभी चिकित्सक 1 मई से पुन: प्रारंभ करेंगे और 3 मई से सम्पूर्ण अनिश्चित कालीन चिकित्सकीय कार्य बंद कर
आंदोलन करेंगे।

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