चार साल से पुलिया का इंतजार, बरसात में बरुआ नाला बन जाता है मुसीबत

वार्ड-10 के आदिवासी परिवारों का टूट जाता है संपर्क, स्कूली बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशानी; पार्षद की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
(जयप्रकाश शर्मा)
मानपुर। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 10 में बरुआ नाला पर पुलिया निर्माण का इंतजार चार साल बाद भी खत्म नहीं हुआ है। बरसात शुरू होते ही नाला स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बन जाता है। खासकर नाले के उस पार स्थित आदिवासी बस्ती के लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से मांग और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं की गई।
बारिश में बढ़ जाता है संकट
स्थानीय लोगों के मुताबिक बरसात के दिनों में बरुआ नाला पानी से लबालब हो जाता है। पानी का बहाव बढ़ने पर लोगों के लिए नाला पार करना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों को भी इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है, जबकि बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य ग्रामीण भी मजबूरी में जोखिम उठाकर रास्ता पार करते हैं।
आपात स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी
वार्डवासियों का कहना है कि बस्ती तक पहुंचने के लिए यह प्रमुख मार्ग है। बारिश के दौरान पानी बढ़ने पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो जाती है। ऐसे में किसी व्यक्ति के बीमार होने या आपात स्थिति पैदा होने पर अस्पताल तक पहुंचना चुनौती बन जाता है।
चार साल में नहीं बनी पुलिया
वार्डवासियों के अनुसार बरुआ नाला पर पुलिया निर्माण को लेकर नगर परिषद मानपुर से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार मांग की जा चुकी है। ग्रामीणों का दावा है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने के कारण अब स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

हर साल बरसात में वही समस्या
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बरुआ नाला पर स्थायी पुलिया का निर्माण होने से आदिवासी बस्ती सहित आसपास के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकती है। लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि बरसात में समस्या गंभीर होने से पहले पुलिया निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे या आपात स्थिति का सामना न करना पड़े।