चर्चेड़ी शिविर में भड़के कलेक्टर और विधायक: मंच से DFO मैडम की गैरहाजिरी पर भड़के साहब, बिजली विभाग को भी दी कड़ी चेतावनी; उमड़ा भारी जनसैलाब!

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मरवाही

जिले के सभी शिविरों का टूटा रिकॉर्ड, चर्चेड़ी में उमड़ी 18 ग्राम पंचायतों की ऐतिहासिक भीड़!

कलेक्टर ने वन विभाग से मंच पर ही ली तारीख— ’30 जून तक हर हाल में हो मजदूरों का शत-प्रतिशत भुगतान’

770 से अधिक आवेदनों के साथ 471 हितग्राहियों को मौके पर मिला योजनाओं का लाभ

गौरेला पेंड्रा मरवाही, 10 जून 2026/ प्रदेश सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक चलाए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ का आज अंतिम दिन रहा। पूरे प्रदेश सहित जिले भर में यह कार्यक्रम पूरी सजगता के साथ चल रहा था, लेकिन सुशासन तिहार के इस आखिरी दिन मरवाही विकासखण्ड के कलस्टर ग्राम पंचायत चर्चेड़ी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जो जन सैलाब देखने को मिला, वह ऐतिहासिक था। पूरे जिले के सुशासन तिहार कार्यक्रमों में कहीं भी उतनी भीड़ देखने को नहीं मिली, जितनी आज अकेले ग्राम पंचायत चर्चेड़ी के शिविर में दर्ज की गई।

इस शिविर में आस-पास के 18 ग्राम पंचायतों—बदरौडी, मालाडांड, चर्चेडी, दरमोहली, धरहर, धोबहर, करसिंवा, मड़वाही, नरौर, निमधा, रटगा, खुरपा, पथर्री, पण्डरी, नगवाही, लरकेनी, अण्डी एवं सिवनी के ग्रामीण जन भारी संख्या में उपस्थित हुए और अपनी विभिन्न मांगों, समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

बिजली विभाग की लचर व्यवस्था पर विधायक सख्त, दिए कड़े निर्देश

शिविर में ग्रामीणों ने क्षेत्र में बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और नए कनेक्शनों में हो रही देरी की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस पर क्षेत्रीय विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची ने कड़ा रुख अपनाते हुए मंच से ही बिजली विभाग के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। विधायक महोदय ने विभाग को कड़े शब्दों में निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे गांवों को चिन्हित कर जल्द से जल्द नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएं और जहां भी तार ढीले या जर्जर हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए। विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शासन की योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, अधिकारी फील्ड पर उतरकर जनता की विद्युत समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।

शिविर में लापरवाही और डीएफओ की अनुपस्थिति पर भड़के कलेक्टर, लगाई कड़ी फटकार

ग्राम पंचायत चर्चेड़ी में आयोजित इस शिविर के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने मंच से ही वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई और उन्हें जमकर फटकार लगाई। दरअसल, वन विभाग के तहत काम करने वाले गरीब मजदूरों की लगभग 70 हजार रुपये की मजदूरी का भुगतान पिछले दो महीने से अटका हुआ था।

इस गंभीर मामले पर बात करते हुए जब कलेक्टर की नजरें विभाग के मुखिया को ढूंढने लगीं, तो पता चला कि डीएफओ (DFO) मैडम खुद इस अत्यंत महत्वपूर्ण अंतिम शिविर से नदारद हैं। इस पर कलेक्टर डॉ. देवांगन का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने मंच से डीएफओ की अनुपस्थिति और विभाग की घोर लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा:

“इतने बड़े और महत्वपूर्ण जनसमस्या निवारण शिविर से डीएफओ मैडम खुद गायब हैं! जनता की समस्याओं को सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी ही जब नदारद रहेंगे, तो काम कैसे चलेगा? वन विभाग के अधिकारी ध्यान से सुन लें, एक गरीब और मजदूर आदमी की 70 हजार रुपये की मजदूरी का भुगतान अगर दो-दो महीने तक रोक कर रखोगे, तो उसका परिवार कैसे चलेगा? वह अपनी गाढ़े पसीने की कमाई मांग रहा है, कोई भी भीख नहीं मांग रहा! जब हमारा तहसीलदार प्राकृतिक आपदा या पशु हानि की स्थिति में 3 दिन के भीतर 4 लाख रुपये का भुगतान कर देता है, तो आप लोग मजदूरों को दो महीने तक क्यों घुमाते हो? विभाग के प्रमुख की अनुपस्थिति और यह डिलेइंग टैक्टिक्स (काम में देरी करने की आदत) बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

कलेक्टर ने कड़ी चेतावनी देते हुए मंच से ही जनता के सामने मौजूद वन विभाग के अधीनस्थ अधिकारियों से स्पष्ट तारीख पूछी। जिस पर घबराए अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि 30 जून से पहले सभी मजदूरों की रुकी हुई राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया जाएगा। कलेक्टर ने साफ लहजे में कहा कि तय समय पर भुगतान हो l

जनप्रतिनिधियों ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

शिविर में विभागीय स्टॉलों के माध्यम से शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और जिला व पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी शिविर में मौजूद रहे।

शिविर के मुख्य अतिथि विधायक श्री मरपची ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के माध्यम से जनसेवा का यह बेहतरीन अवसर दिया है। ग्राम पंचायत चर्चेड़ी में आयोजित यह अंतिम शिविर अपनी भारी भीड़ के कारण बेहद सफल रहा। उन्होंने सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों से अवगत कराते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य की 70 लाख महिलाओं के खाते में हर महीने एक हजार रुपये अंतरित करने वाला और किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य पर धान खरीदने वाला छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है।

770 से अधिक आवेदन प्राप्त, 471 हितग्राही हुए लाभान्वित

शिविर में राजस्व विभाग से संबंधित 128 आवेदन प्राप्त हुए। इसके साथ ही राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, किसान सम्मान निधि, बोरवेल खनन, ट्रांसफार्मर, नया विद्युत कनेक्शन, मुर्गी पालन, पीएम आवास, हैंड पंप, वन अधिकार पट्टा, महतारी वंदन राशि दिलाने आदि से संबंधित 770 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने स्पष्ट किया कि आवेदनों के निराकरण में नियम व प्रक्रिया सभी के लिए समान होगी। उन्होंने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि विवादित प्रकरणों का निराकरण राजस्व न्यायालय से होता है, जिसके लिए साक्ष्य के रूप में दस्तावेज अनिवार्य हैं। अतः सभी आवेदक अपने आवेदनों के साथ आवश्यक दस्तावेज जरूर संलग्न करें।

शिविर को जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बूंदकुंवर मास्को एवं श्रीमती राजेश नंदनी आर्मो और जनपद अध्यक्ष श्रीमती जानकी कुशरो ने भी संबोधित किया।

विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं का लाभ वितरण

शिविर में अतिथियों द्वारा कुल 471 हितग्राहियों को मौके पर लाभान्वित किया गया:

राजस्व विभाग: 150 हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, 49 को आबादी पट्टा, 28 को किसान किताब, 120 को वोटर आईडी और 2 कोटवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE): ग्राम पंचायत पण्डरी एवं पथर्री में नल-जल योजना का कार्य पूर्ण कर हस्तांतरण प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

ग्रामोद्योग विभाग: 2 हितग्राहियों को क्रमशः 35 हजार एवं 70 हजार रुपये की अनुदान राशि का चेक दिया गया।

परिवहन विभाग: 32 हितग्राहियों को लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया गया।

अन्य विभाग: स्वास्थ्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास और कृषि विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड, सिकलिंग कार्ड, छड़ी, चश्मा, सहायक उपकरण, मूंग बीज, सुकन्या समृद्धि एवं नोनी सुरक्षा के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 7 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 7 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सभी विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की।

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