बेतवा एक्सप्रेस में 7 लाख की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, आरपीएफ ने दो शातिर बदमाशों को दबोचा

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शहडोल । ट्रेनों के वातानुकूलित (एसी) कोचों में सो रहे यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय चोर गिरोह का आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने पर्दाफाश किया है। टीम ने बेतवा एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक परिवार के लेडीज पर्स से करीब 7 लाख रुपये के सोने के आभूषणों की चोरी करने वाले दो बदमाशों और चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को गिरफ्तार किया है।

सिरहाने रखा पर्स ले उड़े थे चोर

मामला 11 मई 2026 का है, जब दुर्ग (छत्तीसगढ़) निवासी रवि प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ बेतवा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 18204) के A-2 कोच में कानपुर से रायपुर की यात्रा कर रहे थे। कटनी स्टेशन के पास जब उनकी पत्नी वॉशरूम जाने के लिए उठीं, तो सिरहाने रखा उनका लेडीज पर्स गायब था, जिसमें 7 लाख रुपये के जेवरात और नकदी थी। यात्री की शिकायत पर जीआरपी शहडोल में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल से मिला सुराग

आरपीएफ बिलासपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सौरभ कुमार के आदेश पर आरपीएफ थाना प्रभारी विनोद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने उमरिया स्टेशन और ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें दो संदिग्ध चोर बैग में पर्स रखते हुए दिखे। इसके बाद उमरिया शहर के 10 से अधिक कैमरों और शहडोल के एक होटल के फुटेज की मदद से आरोपियों का रूट ट्रैक किया गया। होटल से मुख्य आरोपी विनय प्रणामी का मोबाइल नंबर और अन्य दस्तावेज [आधार कार्ड संकलित] मिले।

अयोध्या से कानपुर तक पीछा कर दबोचा

तकनीकी निगरानी (साइबर सेल) के दौरान मुख्य आरोपी की लोकेशन वाराणसी और फिर अयोध्या के राम मंदिर क्षेत्र में मिली। आरपीएफ की टीम ने अयोध्या में सघन चेकिंग चलाकर आरोपी विनय प्रणामी की पहचान की और मरुधर एक्सप्रेस से कानपुर जाते समय उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी प्रमोद कुमार यादव के साथ मिलकर चोरी की वारदात कबूल की। पुलिस ने दबिश देकर प्रमोद को भी कानपुर स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया।

गलाकर बेच दिया था सोना

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नौबस्ता (कानपुर) निवासी हरिओम गुप्ता को दबोचा, जिसने चोरी के जेवरात करीब 6.35 लाख रुपये में खरीदे थे। हरिओम ने स्वीकार किया कि उसने सोने को गलाकर आगे बेच दिया है। आरपीएफ ने तीनों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई के लिए जीआरपी शहडोल के सुपुर्द कर दिया है।

इस बड़ी कामयाबी में आरपीएफ उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार, डी.के. सिंह, आरक्षक सर्वेंद्र, और प्रधान आरक्षक अतुल कुमार की मुख्य भूमिका रही। आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क करें।

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