भूमि कारोबारियों का खुला खेल,जेसीबी लेकर गरीबों की जमीन पर कब्जा, प्रशासन मौन
शहडोल। जिले में भूमि कारोबारियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही प्रशासन का खौफ। सोहागपुर तहसील के ग्राम कोयलारी पटवारी हल्का 79, कल्याणपुर से दबंगई का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक गरीब और सीधे-साधे भू-स्वामी की पुश्तैनी जमीन पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। पीड़ित रामनाथ रजक ने अपनी जमीन बचाने के लिए अब सीधे कलेक्टर से गुहार लगाई है, जिसके बाद इलाके के रसूखदारों और भूमि कारोबारियों के गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ है।30 फीट अंदर घुसा दी जेसीबी
शिकायती पत्र के अनुसार, पीड़ित रामनाथ रजक पिता स्व. हीरालाल रजक की ग्राम कोयलारी में आराजी खसरा नंबर 43/1/3, रकबा 0.1200 हेक्टेयर वैध भूमि है, जो पूरी तरह से राजस्व रिकॉर्ड में उनके नाम पर दर्ज है। लेकिन इलाके के विकाश शर्मा सोहागपुर, शिवांशु जायसवाल और यश खरया निवासी शहडोल ने सारी हदें पार कर दीं। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल पीड़ित की सरहद पर लगे पोल उखाड़ फेंके, बल्कि जबरन 30 फीट अंदर तक जेसीबी मशीन चलाकर अवैध कब्जे का खेल शुरू कर दिया।

जान से मारने की धमकी
हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने अपनी भूमि का दो से तीन बार वैध सीमांकन और तरमीम भी कराया, जिससे मौके पर सब संतुष्ट थे, लेकिन भूमि कारोबारियों की नीयत में खोट था। जैसे ही पटवारी साहब मौके से रवाना होते हैं, ये दबंग लाठी-डंडों और हथियारों के दम पर पीड़ित को काम करने से रोक देते हैं। पीड़ित को सरेआम गालियां दी जा रही हैं और विरोध करने पर हाथ-पैर तोड़ने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

जमीनों के अवैध क्रय-विक्रय का सिंडिकेट
दस्तावेज में पीड़ित ने प्रशासन के सामने सच्चाई उजागर की है। कोयलारी क्षेत्र में भूमि कारोबारियों का एक पूरा सिंडिकेट सक्रिय है, जो आदिवासियों और गरीबों की जमीनों को असंवैधानिक तरीके से औने-पौने दामों पर खरीदने और बेचने का अवैध धंधा चला रहा है। मूल भू-स्वामियों की सीमाओं को जबरन तोड़कर जमीनों को हड़पा जा रहा है। पीड़ित ने इससे पहले सिटी कोतवाली शहडोल और कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में भी न्याय की भीख मांगी थी, लेकिन आज दिनांक तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने अब कलेक्टर से न्याय की अंतिम गुहार लगाते हुए पटवारी हल्का कोयलारी के खसरा नंबर 45, 46, 42, 43, 41 के सभी अवैध कार्यों और क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।